The School Weekly 08th August 2022

News & Events

01st August 2022: Unit Test - II
साप्ताहिक गतिविधि में इस सप्ताह 1 अगस्त से 6 जुलाई तक हमारे विद्यालय में  सत्र 2022-23 के लिए सतत् शैक्षणिक मूल्याकंन योजना के अनुसार इकाई-परख - ll का आयोजन किया जिसमें विद्यार्थियों ने सराहनीय अनुशासन और धैर्य का परिचय दिया ।

                         
05th August 2022: Our School has partnered with  "Future Skilling Initiative to reform skills. Future Skilling is going to help students on skills like: Financial Literacy, Data Science Skills, Entrepreneurial/Design Thinking Skills, Future Employability Skills.
Our first session had explained on how to get into our dream college in India or abroad. They first helped the students to understand the Indian and foreign selection process. They emphasized on the selection process overseas and explained what goes into it to get there. Students are showing great curiosity to find more about such opportunities.
Kunal Rajpurohit / XII


It is India's First Funding Show for Young students with a Startup Idea.
Our Students of class XII have registered for Horse Stable Junior Startup Carnival.

Inter-House Essay Writing 
दिनांक 23 जुलाई 2022 को विद्यालय में " इण्टरहाऊस निबंध लेखन प्रतियोगिता "  आयोजित की गई थी जिसका परिणाम इस प्रकार से रहा है :- 
कक्षा Vl से प्रथम स्थान- कौशलेन्द्र कुशवाहा - Vl A- ध्यानचंद हाऊस, द्वितीय स्थान- रूद्रदेवसिंह - Vl A- रमन हाऊस , तृतीय स्थान- जैनम मुनोयत Vl B गाँधी हाऊस , कक्षा Vll से प्रथम स्थान  - महेशपालसिंह राठौड़ Vll B रमन हाऊस,  द्वितीय स्थान- यक्षिता राठौड़ Vll B ध्यानचंद हाऊस , तृतीय स्थान- दिव्यांशी सिंह Vll A टेरेसा हाऊस  , कक्षा VllI से प्रथम स्थान- भूमिका राजपुरोहित Vlll A ध्यानचंद हाऊस और आराध्या चंपावत Vlll B रमन हाऊस, द्वितीय स्थान- सिद्धि सोलंकी Vlll A रमन हाऊस , तृतीय स्थान- मोक्षा सोमपुरा  Vlll A गाँधी हाऊस,  आर्या राजपुरोहित Vlll B गाँधी हाऊस, भूपेन्द्र सिंह Vlll B रमन हाऊस, पवन चौधरी Vlll B रमन हाऊस,  खुशाल राजपुरोहित Vlll B टेरेसा हाऊस ने प्राप्त किया और रचनात्मकता का परिचय दिया और अपनी-अपनी लेखनी को धन्य किया।
 
दिनांक 28 जुलाई 2022 को आयोजित "इण्टरहाऊस टैट्टू मेकिंग प्रतियोगिता " के परिणाम में- कक्षा Vl से प्रथम स्थान- याचिका परमार Vl B रमन हाऊस और भव्या सोमपुरा  Vl B ध्यानचंद हाऊस, द्वितीय स्थान- सोनाक्षी वैष्णव Vl B ध्यानचंद हाऊस, तृतीय स्थान - कौशलेन्द्र कुशवाहा Vl A ध्यानचंद हाऊस, दिग्विजय सिंह Vl A , कक्षा Vll से प्रथम स्थान- दिव्यांशी सिंह Vll A टेरेसा हाऊस,  द्वितीय स्थान- अलवीरा खान Vll B रमन हाऊस, तृतीय स्थान- कल्पना इन्दा Vll B गाँधी हाऊस, अलवीरा Vll A   टेरेसा हाऊस , कक्षा Vlll से  प्रथम स्थान - टीया सोमपुरा Vlll A रमन हाऊस  , द्वितीय स्थान- भूमिका कुमारी Vlll B ध्यानचंद हाऊस और तृतीय स्थान- मोक्षा सोमपुरा Vlll A गाँधी हाऊस ने प्राप्त किया ।

दिनांक 6 अगस्त 2022 ,शनिवार को प्रातः सभा में उपर्युक्त परिणामों की घोषणा की तो उत्साहित विद्यार्थियों की करतल ध्वनि से आसमान गूँज उठा। हाऊस मिटिंग में आज , आगामी प्रायोजित , " एकल नृत्य प्रतियोगिता , देशभक्ति गीत प्रतियोगिता और संस्कृत श्लोक गायन / वाचन प्रतियोगिता " के बारें में विद्यार्थियों को बताया गया और उक्त प्रतियोगिताओं के लिए देशभक्ति गीत और संस्कृत श्लोक गायन का अभ्यास कराया गया । सभी विद्यार्थी आगामी इन प्रतियोगिताओं के लिए अत्यंत उत्साहित है ।

Self Awareness is the key to Self- Mastery

Saturday, 6th August 2022: The students of Class LKG participated in an activity to develop  hand dexterity , eyes hand coordination while giving an indirect lesson on the properties of different objects mainly the absorbing of the sponge. This work will promote independence and love for work.
Colours are Fun 

Students of Nursery participated in Colour Identification Activity to improve their knowledge about colours, to develop their skills of identification and awareness of the surroundings.

 Oral Health Awareness Session 


Students of UKG participated in an activity related to maintaining oral hygiene. Children were given information about cleaning teeth, brushing technique and keeping the mouth clean. Awareness about the structure of teeth , process of decay and the cause of it was also given to the students.
Beautiful bond of Raksha Bandhan 

Students of Class II- V participated in Rakhi making activity. They played outdoor games, learned moral values and did General Knowledge. All these activities will help in building relations among students and teachers.





Raksha Bandhan is a special occasion to celebrate the love between a brother and  a sister which is one of the deepest and noblest of all human emotions. To celebrate this festival,  Rakhi Making Competition was organized for students of Class I - V  on 6th August 2022 . Students made beautiful Rakhis using different articles like thread, ribbon , etc. They were also educated about the festival of Rakhi. The young minds enthusiastically involved themselves and prepared their creative handmade  Rakhis. Through this activity children got to know about the significance of Raksha Bandhan and  also increased their creativity and facts about the festival.

Experience of ATC Scout and Guide Camp
I had attended ATC Scout and Guide Camp at Kambheshwar. I am really blessed that I got this opportunity to attend this camp. There were seven Scouts and Guides from The Fabindia School. Three things which I have learnt from this camp are self discipline ,self confidence and personality development. By using these three elements we can build our bright future. Our day used to start with morning yoga and end with a night campfire. After this camp my confidence level has increased a lot. One of my scout masters told me that "Your personality defines you”. For this I really admire him a lot. Everyone should attend such camps to nurture their future.
Sanyogita Ranawat / XI
महानगरीय जीवन:- वरदान या अभिशाप
आदिकालीन वनवासी मानव ने ज्यों-ज्यों सभ्यता की दिशा में अपने कदम बढाये है, त्यों-त्यों उसकी अभिलाषा और आवश्यकताएँ भी बढ़ती ही रही है। उसने अपनी उन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शहरों की ओर देखना आरंभ किया और इन्हें अपने बढ़ते कदमों के ठिकाने के बतौर केन्द्र बनाया। महानगरों का अपना अनूठा आकर्षण होता हैं। यहाँ सब कुछ आसानी से मिलता प्रतीत होता है। पर्याप्त रोजगार और बेहतर जीवन जीने की लालसा जगती है और ऐसे ही दिवास्वप्नों में उमड़ते भावों को लेकर वह शहरी चमक-दमक के आकर्षण में, शुद्ध और सात्विक ग्राम्य जीवन से निकलकर, नित-प्रति शहरों की ओर पलायन करता रहता है।
धनिक वर्ग के लिए महानगर किसी वरदान से कम नहीं है। उनके कारोबार यहाँ खूब फलते-फूलते है। कार, ए.सी., अच्छी सड़कें, विलासिता की वस्तुएँ, चौबीस घंटे साथ निभाने वाली बिजली, यहाँ जीवन को अनोखा बनाती है या यों कहें कि स्वर्गिक आनन्द देने लगती है। इसके विपरीत गरीब और पिछड़े तबके का जीवन, इन शहरी तंग और मलिन बदबूदार झुग्गियों में बड़े ही दयनीय स्वरूप में सिमटकर रह जाता है। मिलावटी वस्तुओं, दूषित हवा और प्रदूषित जल के उपयोग की विवशता उनके जीवन को नारकीय बना देते है। प्रतिदिन की घुटन भरी जिन्दगी के इतर संघर्ष और यातनाओं को ढोता हुआ यह नारकीय जीवन दयनीय तो होता ही है बल्कि यह किसी अभिशाप से कम नहीं होता है। न जानें यह रेलमपेल किस छोर पर जाकर रूकेगी । जय हिन्द ।
यशवर्धन सिंह / lX
Music
Music is an essential part of every individual's life. It has been called one of the greatest human creations and it is not just a fun time-pass but is also a great stress buster. Some studies mentioned that music can also help to improve academic performance, health, and even concentration. Music is also a great career option to explore.
Listening to music gives peace and joy to the mind and keeps a person more stress-free. It is heard at many festivals, or any event because it enhances the excitement of events and festivals. You can listen to music for no reason, it can make our mind, soul, and mood cheerful. It gives us satisfaction, happiness and even positive thoughts. Many people love to listen to music and they listen to music everyday.
Tanya Tripash / VIII
लघु कथा- बेटी को नमन 
महात्मा जी अपना प्रवचन दे रहे थे ,
उन्होंने प्रवचन के मध्य प्रश्न किया -
दुनिया में सबसे अधिक पूजनीय कौन है ?
किसी ने कहा - पृथ्वी
किसी ने कहा माता, तो किसी ने कहा पिता को पूजनीय माना।
तथा किसी ने और को पूजनीय कहा। लेकिन महात्मा जी को उत्तर सुनकर संतुष्टि नहीं हुई तो शिष्य ने गुरु से कहा आप ही बता दीजिए ।
उन्होंने कहा ' बेटी '।
सभी के मुँह खुले के खुले रह गए ।
महात्मा जी ने जिज्ञासा शांत करते हुए कहा- बेटी घर छोड़कर आए घर को , पराए पुरुष को अपना कर उसका दिल जीतती है ।उस घर में वह दूध में मिश्री की भांति घुलती है ।सदैव नये घर को उच्च प्राथमिकता देते हुए जन्म वाले घर का भी पूर्ण ख्याल रखती है ।क्या ऐसी बेटी पूजनीय नहीं है? हाँ, बेटी व बेटी को जन्म देने वाली माँ को नमन ।कहते हैं महात्मा जी ने अपने प्रवचन आगे बढ़ाया।
कल्पना इंदा / Vll
My Mother
My mother's name is Mrs. Shalini Chittara. She is my role model. She helps me in my studies. My mother is my life .My mother cooks very delicious food. She takes care of everyone in our family. My mother is my best friend. I share my feelings with her .She tells me stories before sleeping. My mother is my first teacher. She teaches me good habits. She helps me to solve my problem. My mother is the best mother in the world .We should respect our mother. We all should take care of our mother. 
Tanishi Chitara / IV
मेरा प्रिय त्योहार रक्षाबंधन 
हर साल रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है । इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और माथे पर तिलक  लगाकर उसकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती है l भाई बहन को उपहार देता है। बहन भाई को मिठाई खिलाती हैl सभी इस त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। 
आध्या माथुर / II





Volume No. 522 Published by The Editorial Board: Mr. Jitendra Suthar, Ms. Jyoti Sain, Ms. Harshita Suthar, Mr. Chatra Ram Choudhary, Jatin Tripash, Pushpendra Singh Ranawat, Yashwant Singh Sonigra, Mohammad Anas.

The School Weekly 01st August 2022

News & Events
Introducing our Council Members 2022-2023
Digital Awareness Week
Monday, 25th July 2022: The School celebrated Digital Awareness Week starting from 25th July,2022. It is very important for each person to be digitally aware about technologies they are surrounded with. Our Students shared the importance of Digital Awareness in the School Assembly. Topics such as Digital Awareness in Education, Social Media, Banking, Digital Citizenship & Cyber Security were shared.

Tuesday, 26th July 2022 : साप्ताहिक गतिविधि में इस सप्ताह हमारे विद्यालय में " डिजिटल जागरूकतसप्ताह " के रूप में प्रातःसभा में छात्र छात्राओं ने प्रतिदिन शिक्षा, बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान, सोशल मिडिया, साइबर सुरक्षा, स्टैम् एज्युकेशन का महत्व  और डिजिटल नागरिकता आदि विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक सेवाओं और जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों और जानकारियों से अवगत करवाया ।
दिनांक 26 जुलाई 2022 को विज्ञान के शिक्षक ने प्रातः सभा में " मैग्रुव इको- सिस्टम के संरक्षण " के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत करवाया ।

आजादी के अमृत महोत्सव-नुक्कड़ नाटक
Thursday, 28th July 2022 
: आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 28 जुलाई 2022 को विद्युत विभाग द्वारा एस.पी.यू. कॉलेज, फालना में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में फैबइंडिया स्कूल के छात्रों को एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था। स्कूल के छात्रों की टीम ने एस. पी. यू. कॉलेज, फालना में आयोजित इस कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी। कक्षा दसवीं के दस छात्र - छात्राओं ने डिजिटल युग में बिजली के नए कनेक्शन लेने, बिजली के बिल ऑनलाइन जमा करवाने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के बारे में नाटक के माध्यम से लोगों को जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुमेरपुर विधायक जोराराम जी ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना की और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
Intra-Class Debate
Friday, 29th July 2022 :  To promote problem-solving and innovative thinking and help students to build links between words and ideas that make concepts more meaningful, Intra-Class Debate was organised for the students of Class IX to XII.The Students of Class XI & XII were asked to debate on the topic :"Should you allow open book tests?" To evolve and improve rigorous higher order and critical thinking,  Class IX & X students were asked to present their thoughts on the topic: ‘Should traditions be followed?’ This activity was to enable children to overcome public speaking fears, help them to learn voice modulation, and reasoning, bend them towards good tradition and make them aware of the recent topics related to education.
Tattoo Making Competition
Saturday, 30th July 2022 : दिनांक 30 जुलाई 2022 को मिडिल सेक्शन में " टैट्टू मेकिंग कंपटीशन" का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक , बड़े ही सुन्दर टैट्टू बनाकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। 
Learning by Doing
Balloons are fun! They can be used for art, craft, games, etc. Balloon activities are not only a favourite among kids but even adults love playing it. Playing with balloons builds gross motor skills, eye-hand coordination, concentration, and much more, so balloon playing activity was organized for the students of the Pre Primary Section. Students played some funny games with balloons like Surprise Pop, Protect your Balloon, Keep it Moving, Pass the Balloon, etc.
Cloud Making Activity  Students of Pre Primary with great zeal and excitement took part in the cloud-making activity. Students actively and with great enthusiasm completed this activity. They learned about the rainy season, different types of clouds, and their colours i.e. white clouds, black clouds, and sky blue clouds. They also came to know that black clouds are called rainy clouds.
Drawing & Colouring Activity 
Students of Class II used different pulses to fill colours in their drawings. They learned about different pulses, colours and above all they learned the skill of collaboration as it was a group activity.
Silence Is Truth, Bliss, Peace, and looking into oneself
Silence speaks louder than words, sometimes being silent and observing oneself can help you focus on yourself and know yourself better. Silence is an important aspect of life. It gives you immense joy in your own life. Being silent just disconnects you from the competitive world which leads to more concentration and increases mental power. 
It is not always necessary to speak. Sometimes keeping quiet can give you lots of solutions. It offers opportunities for self-reflection reduces and daydreaming which activates certain parts of the brain. It gives us time to turn down the inner noise and increase awareness of what matters the most. It also benefits our health, helps to increase concentration, and reduces stress.
When we are around us we get a happy and blissful environment to create good vibes and enjoy the company of ourselves. Keeping quiet for just ten minutes can also give you pleasure and peace. When we stabilize we can have certain thoughts which we can resolve without the help of others.
To conclude the article we all should know the importance of being quiet. We all should understand that this virtue will help us both mentally and physically. It will help to overcome our problems, reduce stress and remain happy.
Jatin Tripash/ XII
स्वतंत्रता के आंदोलन में महिलाओं की भूमिका
हमारी आजादी को 75 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। ऐसे में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना उनको श्रद्धांजलि देना आवश्यक है।स्वतंत्रता के आंदोलन में महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका रही थी। असंख्य महिलाओं के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण ही आजादी का यह महान आंदोलन सक्रिय बन पड़ा। स्त्रियों ने यह बताया कि शांति प्रिय आंदोलन में भी हिस्सा ले सकती है और जरूरत पड़ने क्रांतिकारी आंदोलन में भी हिस्सा ले सकती है। गांधीजी के सत्य,अहिंसा और सत्याग्रह की नीति महिलाओं के स्वभाव के अनुकुल थी। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास स्वतंत्रता के लिए भारतीय के संघर्ष की अद्भुत गाथा है। इस संघर्ष में कई सारे क्रांतिकारियों ने हिस्सा लिया जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे। दोनों ने आजादी के लिए अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। महिलाएँ हर मोड़ पर पुरुष के साथ डट कर खड़ी रही थी। कई बार आंदोलन में महिलाओं ने नायिका का किरदार भी निभाया था जहां वह अपना अद्भुत वीरता, पराक्रम और दिलेरी का परिचय दिया था। जैसा हम जानते है कि  महान झांसी की रानी जिसने स्वयं युद्ध में नायिका का किरदार निभाया और अंग्रेजों का डट कर सामना किया। इस साहस और बहादुरी को देखकर स्वयं अंग्रेज शासक भी उनसे प्रसन्न थे। ना केवल लक्ष्मी बाई परंतु उनके जैसी और कई सारी महिलाएँ थी -अवध की बेगम हजरत महल, कस्तूरबा गांधी आदि। जिन्होंने आजादी के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। सन् 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भी कई सारी महिलाएँ उपस्थित थी। जहां उन्होंने तन- मन में आंदोलन में सहयोग दिया। महिलाओं ने ना केवल घर का काम संभाला परंतु स्वतंत्रता के लिए अपना योगदान भी दिया और हर आंदोलन में उपस्थित रही। कई महिलाओं ने अपना साहस और बहादुरी दिखाई और स्वयं का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया।
कसक चौधरी / XII
Courage
Courage is the quality of being ready and willing to face negative situations involving danger or pain. Being a person with courage is not easy and it is a choice. This is so much more than what we think it" is. Courage helps us to know our fear better and makes us think, about how to overcome that. And if we are willing to overcome our fears or we can overcome our fears, I think we can call ourselves courageous. We also motivate people by.. saying 'Go ahead, you have the courage to do this, by listening to the person whom you are saying this, will feel that he/she is capable and can tackle that task. In our life change of situations is not a very different thing. We all know that situations change, they will either be good or bad but if we really have the courage to face them, they will always be the good ones.
Tamanna Solanki / VIII
बुरा जो देखन मैं चला 
जब कभी मैं किसी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति की बुराई करते हुए देखती हूँ,तब मेरे मन में यह विचार आता है कि कितना सरल है, दूसरों में कमियाँ निकालना या बुराइयाँ ढूंढना। हमें केवल बुराइयाँ ही क्यों दिखाई देती है ? अच्छाइयाँ क्यों नहीं दिखाई देती? क्या बुराई करने वाला व्यक्ति कभी अपने भीतर की कमजोरियों या बुराइयों को देखने या ढूँढने का प्रयास करता है? यदि प्रत्येक व्यक्ति दूसरों की कमियों पर ध्यान न देकर आत्म चिंतन करें ,तो वह पाएगा कि वह स्वयं भी बुराइयों का पुतला है। परंतु ऐसा केवल ज्ञानी व्यक्ति ही कर सकते हैं। साधारण व्यक्ति को अपने भीतर केवल गुण ही दिखाई देते हैं। वह अपनी प्रशंसा व दूसरों की बुराई करते नहीं थकता ।यदि हम अपनी कमियों को पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास करें, तो हम देखेंगे कि संपूर्ण समाज स्वयं सुधर जाएगा । दूसरों में बुराइयाँ या अवगुण ढूँढ़ना सबसे बड़ी बुराई है। इसलिए संत कबीर ने कहा है-
" बुरा जो देखन मैं चला बुरा न मिलिया कोय। 
जो दिल खोजा आपना मुझ-सा बुरा न कोय।। "
अलवीरा/ Vll
अगर मै पतंग होती
यदि मैं पतंग होती तो आसमान की असीम ऊँचाइयो को छूने की तमन्ना पूरी हो जाती।मैं आसमान में पक्षियों और बादलों के बीच उड़ती फिरती। ऊँची-ऊँची गगन चुंबी इमारतों को छू पाती और असीम आनंद को प्राप्त करती। आसमान से नीचे देखने पर मुझे सब कुछ छोटे-छोटे खिलौनों के समान लगते और चलते - फिरते लोग ऐसे लगते माना गुड्डे-गुडियाँ चल रहे हो।आसमान में अपनी साथी पंतगो के साथ उड़ती हुई कभी उनसे पेचें लड़ाकर उन्हें कर फेंक देती।मुझे देखकर बच्चे तालियाँ बजा-बजा कर खुश होते और उन्हें खुश देखकर मुझे भी अच्छा लगता। मेरा खूबसूरत  रंग देखकर बच्चे मुझ पर मोहित हो जाते। ।अंतः मैं गर्व से कह सकती हूँ कि मैं पतंग होती तो बच्चों में खुशियाँ बाँटती हुई स्वयं भी खुश होती।
गौंरागिनी राठौर / IV

Volume No. 521 Published by The Editorial Board: Mr. Jitendra Suthar, Ms. Jyoti Sain, Ms. Harshita Suthar, Mr. Chatra Ram Choudhary, Jatin Tripash, Pushpendra Singh Ranawat, Yashwant Singh Sonigra, Mohammad Anas.

The School Weekly

Story of The Fabindia School by Bharti Rao