The School Weekly 16th August 2021

News & Events

Academics: Unit Test II has been conducted with a 360 Assessment procedure; includes Project Work, Class Tests, Notebook upkeep and MCQ Based Testing.
On 15th August, Flag Hoisting was done at the school by our Principal Ms. Rajeshree Shihag. 

Tree Plantation was done by District Magistrate Ms. Seema Mewara and Magistrate Mr. Pratap Singh and Mr. Siddharth Bhardwaj, Child Act officer on the occasion of 75th Independence Day.

Virtual Independence Day Celebration
75th Independence Day celebrations mesmerized the audience. Cultural program was conducted on the virtual platform with full enthusiasm. Students were enthusiastic in exhibiting patriotism in every move of their actions.
Our students sang/performed in the confines of their homes and sent us back the videos. We compiled these videos and presented them online. Few students gave speeches and sang songs live. The names of the winners of IH Sanskrit Shlok and Tattoo Making Competitions were announced during the celebrations.
Dialogues of Rani Laxmi Bai by Garima Rathore : Click here

Our Thoughts
75 वे स्वतत्रता दिवस के अवसर पर उन सभी वीर जवानो को नमन करता हूँ जिन्होने आजादी के खातिर अपने प्राणन्योशावर कर दिए। हमारे देश के सिपाही हमारे देश की सेवा करते हैं। हमारे देश की रक्षा करते हैं हमारे देश के दुश्मनों से लड़ते हैं और हमारी सुरक्षा करते हैं। वह देश की रक्षा के लिए अपने प्राण त्यागने मेंभी संकोच नहीं करते हैं                                                 भारत का वीर जवान हूँ में,                                                  ना हिन्दू ना मूसलमान हूँ                                                 जख्मो से भरा सीना है मगर                                                 मगर दुश्मन के लिए चट्टान हूं में                                                 भारत का वीर जवान हूं में। My Video : Click here Harshil Parihar Class III
When my teacher told me to do a short role play of our real hero and a great freedom fighter Chandra Shekhar Azad for the celebration of our 75th Independence Day, I became so excited as he is the true example of freedom and inspiration of millions of Indians. We can never forget his sacrifice for our country. He loved his country more than anything. I was glad to play a short role play of such a great person. I learnt the dialogues and practiced with my teacher through voice calls and video calls. My grandmother and my mother helped me to dress up and to make the video. It was such a wonderful experience for me. We all should remember the sacrifices of our freedom fighters as because of them, we are enjoying our freedom today. We should never do things which harm our country. We must think of how we can make our country more beautiful and a peaceful place to live.
My Video : Click Here
Jyotirmay Nag/Class V
Some Glimpse of Projects made by children
                              Kalpana Inda/Class VI                                              Vedvee Solanki/VI

Clay Art
My name is Devanshi Ojha. I study in Second Class. I have made the happy and sad face using colourful clay. I have many colours of clay. First I made a circle and then used a bowl to cut it into the proper shape. Then I used black clay to make eyes and hair. Then I used red clay to make a smile and a sad face. I can make many other toys like cars, dolls, huts, apples or any other fruits and vegetables. I enjoyed doing this activity and by this I have learnt that all the colours are so beautiful and we can use it to make different things. 
Devanshi Ojha/Class II
Champion Zone

It was a lovely time which I spent with KidEx in these months. Each activity was awesome and fun to do. Each activity was so meticulously designed to bring me out of my comfort zone and analyze my full potential. I really think that every student should participate in this championship and identify their hidden talents. I would like to thank principal ma'am, my parents, and teachers for being supportive. I would like to extend my sincere gratitude to Jitendra Sir who introduced me to this event and helped me to excel. Thanks, KidEx for giving such a good experience.
Khush Rajpurohit/ Class XII Science

Hard Work 
Hard work is very important in a human's life. The person who is working hard can achieve success and happiness in his life. When a person works hard and gets success in life, then the happiness he gets cannot be compared to anything. 
Hard work determines our value in life. Diligence is the weapon of human life on the strength in which he can overcome even the most severe crisis. There is a well-known proverb that says if there is no pain, then there is no gain. Hard work never goes wasted. Man can solve all problems in his life by working hard. No work in the world can be successful or accomplished without hard work. Nothing is easy to achieve in life without doing any work. Therefore, it has been said that hard work is the key to success.
Mohita Solanki / Class VIII 
Birsa Munda 
Birsa Munda was an Indian freedom fighter, religious leader and folk hero from the Munda Tribe of the Chhota Nagpur Plateau area. His spirit of activism is remembered as a strong mark of protest against British rule in India. He was spearheaded behind the Millenarian movement that arose in the Bengal Presidency. He was born on 15 November 1875 in Ulihatu in Bengal Presidency,  now in Khunti District of Jharkhand. He was named after that day according to the then prevalent Munda custom .
Hetal Vaishnav /Class VIII
‘मनुष्यता’ एक बहुत छोटा सा शब्द लगता है परंतु इसका अर्थ महत्वपूर्ण है। यह लोगों की एक दूसरे के प्रति
भावना का आभास है। मनुष्यता के कई रूपों में दिखाई दे सकती है- जैसे सद्भावना, एक दूसरे की फिक्र करना, सहायता करना आदि। यह सब बोलना और देखना आसान है परंतु इन बातों पर अमल करना उतना ही कठिन है, कोई भी इंसान किसी की बुराई देखने में देर नहीं करता परंतु गुणों को देखने में देर करता है। आज की दुनिया में मानवता दर्शाने वाले कम और नफरत, निर्दयता दर्शाने वाले अधिक मिलेंगे। लोग एक दूसरे की कदर नहीं करते तो उनकी भावना के बारे में सोचना दूर की बात है मनुष्यता एक ऐसा गुण है जिसके होने पर सब अच्छा है परंतु न होने पर सब बुरा। मनुष्यता से ही मानव बनता है, इस समय लोग इसके आवश्यकता को नहीं समझ रहे हैं परंतु इसे समझना अनिवार्य है। यदि मनुष्यता नहीं तो मानव नहीं।  
लोग इतने स्वार्थी हो गए हैं कि वह अपने अलावा दूसरों के बारे में बुरा ही सोचते हैं। ऐसा लिखने के पीछे भी तथ्य है, कोरोना महामारी के दौरान लोग दवाइयों की कालाबाजारी कर रहे हैं, जमाखोरी कर रहे हैं, इतना ही नहीं अन्य वस्तुओं की भी जमाखोरी करके उसको ऊँचे दाम पर बेच रहे हैं। 
मनुष्यता केवल बोलने से नहीं होती, यह एक भावना है जो किसी की परेशानी देखकर आती है और उसकी सहायता के लिए जब हम सबसे पहले खड़े रहे, तब समझ सकते है कि हममें मानवता है। आज जानवरों में मनुष्य से कहीं ज्यादा अपनापन है क्योंकि जानवर अपने स्वार्थ में किसी का बुरा नहीं सोचते और यदि हमें अपनी आने वाली समय को उज्जवल करना है तो आज ही हमें मनुष्यता का सही अर्थ समझना होगा। इस कठिन दौर में यह आवश्यक है कि हम हर इंसान के लिए मदद करने को तत्पर रहें। यह महामारी शायद हमें यही सीख देने के लिए है। 
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समाज में रहता है। जब समाज में रहता है तो एक दूसरे की मदद करना भी आवश्यक है, तभी तो उसकी सामाजिकता दिखेगी। जब हम संकट में होते हैं तब मदद की गुहार लगाते हैं, ललचाए हुई निगाहों से चारों तरफ मदद की आस करते हैं। लेकिन कभी सोचा है जब कोई और संकट में था तब हमने मदद की या नहीं। स्वयं के लिए चिल्लाने लग जाएँगे परंतु अपनी तरफ से देने का प्रयास नहीं करेंगे।
 समय की गरिमा को समझते हुए हमें एक दूसरे की मदद करने की आवश्यकता है। स्वार्थ सिद्धि छोड़कर एकजुट हो जाएँ तो यह महामारी दुम दबाकर भागेगी और मनुष्यता विजई होगी।
कृतिका राजपुरोहित / कक्षा-  ग्यारहवीं (विज्ञान)
करुणामय जीवन
महात्मा गाँधी जी,मदर टेरेसा, मार्टिन लूथर किंग, जूनियर और डेसमंड टूटू जैसे लोगों का जीवन इतना प्रेरणादायक करुणामय जीवन के कारण ही है।
करुणा अपने आप में एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है। करुणा एक चरित्र लक्षण है जो हर किसी में मौजूद है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि करुणा एक प्राकृतिक प्रवृत्ति है क्योंकि यह मानव अस्तित्व के लिए आवश्यक है। करुणा से दूसरे के दुख को महसूस किया जाता है और इस दुख से बाहर निकलने में उसकी मदद करने की एक प्रबल इच्छा शामिल होती है। आम बोलचाल में सक्रिय करुणा दूसरे की पीड़ा को कम करने की इच्छा है। करुणामय जीवन शैली अपनाने से सामाजिक संबंध को बढ़ावा देने , शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है। करुणा वास्तव में दुनिया को बदलने की क्षमता रखती है। करुणा के अभ्यास को स्वास्थ्य के लिए उतना ही महत्वपूर्ण समझा जाता है जितना कि शारीरिक व्यायाम और एक स्वस्थ आहार, हालांकि यह एक ऐसा गुण भी है जिसे कभी-कभी भुला दिया जाता है।
करूणा को भुलाया न जाये इसके लिए हमें कुछ बातों को ध्यान में रखना होगा जो कि इस प्रकार से हैं :-
1. दूसरों को हमेशा प्रेरित करें।
हम दूसरों की मदद करके , उत्साहजनक शब्द बोल के और दूसरों के प्रति सकारात्मकता सोच रखकर किसी को भी प्रेरित कर सकते हैं। अपने जीवन में धन्यवाद, शुक्रिया जैंसे शब्दों को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें।
2. दयालुता का अभ्यास करें।
एक दिन में दयालुता के कम से कम दो अलग-अलग कृत्यों का अभ्यास करने का प्रयास करें। इसमें गरीबों को कपड़े दान करना, दूसरों की मदद करना ,भोजन परोसने में अपनों की मदद करना, दूसरों की बातों को ध्यान लगाकर सुनना , दूसरों के कार्यों के लिए उनकी प्रशंसा करके , उनके दिन के बारे में प्रश्न पूछना, और उनके साथ अपने जीवन की ख़बरें साझा करना आदि चीजें शामिल हो सकती हैं ।
3. दोस्तों और परिवार के साथ समय व्यतीत करें ।
हर समय "व्यस्त" रहने के लिए जीवन बहुत छोटा है। हम सभी की आदत होती है कि हम अपने कामों को करने की दैनिक भागदौड़ में फंस जाते हैं। अपना काम करने के लिए समय निर्धारित करें और परिवार और दोस्तों के साथ कुछ समय जरूर व्यतीत करें।
4. उत्साहवर्धक शब्दों का प्रयोग करें ।
आज की दुनिया नकारात्मकता में डूबी हुई है। ऐसा लगता है कि कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है। जो भी काम हम करते हैं वह अक्सर सही नहीं होता है। लोग जो कुछ भी गलत करते हैं, उस पर ध्यान देने के बजाय, अपनी आवाज़ का उपयोग करके उन्हें बताएं कि वे क्या सही कर रहे हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों की दिशा में काम करना जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करें।
5. गले लगना या हाथ मिलाना।
गले लगना या हाथ मिलाना करुणा दिखाने का एक शक्तिशाली और सबसे सरल तरीका माना जाता है। दूसरों को यह दिखाने के लिए कि आप उनकी परवाह करते हैं, इसके के लिए दूसरों को गले लगाने और उनसे हाथ मिलाने का प्रयास जरूर करें।
सुरेश सिंह नेगी / Educator
The brain is the most complex and mysterious organ and still, scientists are researching how itworks. The brain is two percent of our whole body weight but it uses approximately 20% energy of our body. As our body is made up of cells the brain is also made up of neurons which are also called brain cells, and approximately three billion euros collectively form our brain. If you talk about the structure of a neuron it has different parts like dendrites, axon, and terminal bottom where dendrite is a hair-like structure. The axon is the middle part of the neuron and the terminal bottom is the tail. Whenever we see something, listen to something or feel something, our senses organs since electrical signals to our brains through these neurons only and the brain interprets this information. 
I'm green, which is divided into two parts: left and right. Whenever we do something with our left side, it is right green work and whenever we do any work with our right side or left brain is working again. The brain is divided into three parts, which are four brain midbrain and hindbrain. The brain constitutes the cerebrum which is the biggest part of our brain and approaches 70% of our brain. In this part maximum foods are there and it decides our thinking power and behavior. It also controls the contraction and relaxation of our muscles. Another part is telecasters and the hypothalamus which gives us information about temperature and the hypothalamus which controls our feelings.
Green consists of two parts which are tectum and taguanum. These parts receive information from the outer area and send it to the cerebrum.
The hindbrain consists of three parts, the medulla oblongata cerebellum, and pons where the cerebellum controls the balance of our body and the medulla oblongata controls involuntary actions like a breeding heartbeat, etc.
Urvish Singh/ Educator

Volume No. 479 Published by The Editorial Board: Ms. Monika Vaishnav, Ms. Urmila Rathore, Mr. Jitendra Suthar, Khush Rajpurohit, Ipshita Rathore, Vishal Rathore, Mangilal Dewasi, Jatin Tripash, Riya Vaishnav, Rahul Vaishnav,Tamanna Solanki, Khush Suthar, Komal Sompura and Kunal Rajpurohit

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