The School Weekly 21st March 2022

News & Events
Wednesday,16th March: Term II Examination began for Class VI-IX & XI. Best wishes to the students to do their best. The School observed Holi holidays from 17th March -19th March.
Being a Big Sister
As a big sister, I have seen my siblings grow up and follow me. I have also bossed on them for sure. I had never thought of what it would be like to have two younger siblings. I would think that I would always remain a child. Things evidently changed, my younger sibling was born when I was 5 years old. It was amazing because I really wanted someone to play with me, but at the same time my two older brothers never wanted to play with me or when they did, they found ways to get rid of me really fast. I thought that she would grow soon and we would be the same age, kind of like twins! It did not work that way .She never grew up and I just kept getting older and older. By the time  she was 5 ,I was no longer interested in the Barbie. I am grateful of being who I am as a big sister. As the middle child ,I feel that my point of view is the best. To memorize the whole picture of being a big sister again is something amazing . It is something that some people never get to experience. I am lucky to have a youger sibling because I know that I will be a good role model as for them to become someone great. The opportunity to be older than someone else helps me to become better . Some memories are to never be forgotten and the memories that I have with and my little brother and sister are examples of that. Although I am older than my youngest sibling, it will never stop me from being a sister. I feel that it is my job to give the little ones advice and help lead them in the right direction in life. My feeling over the experience are indescribable. If there was anything that I could ever change, I would not change anything. I understand that there is a lot to it, but I think that I will stick with just my little siblings always.
Seema Choudhary / XI
डिजिटल इंडिया
PC : dnaindia.com
हमारा देश एक डिजिटल देश बन चुका है जहाँ पर हर तरह की नई तकनीकी को बढ़ावा दिया जा रहा है। 2015 में भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया की पहल की थी और ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बहुत फायदा हुआ। तकनीकी और ऑनलाइन कक्षाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तकनीक की वजह से हम आज कुछ भी कर सकते हैं। टेक्नोलॉजी बहुत लाभदायक सिद्ध हुई, इसी की वजह से लोगों में हर चीज की जानकारी होने लगी है। यह हमारे देश को एक नई दिशा की ओर ले कर जा रहा है। ऑनलाइन की वजह से हमें बहुत सारे लाभ हुए हैं जैसे कि ऑनलाइन खरीदारी, किसी भी वस्तु की जानकारी पाना या ऑनलाइन कक्षा, कोचिंग क्लास और बहुत कुछ जो हमारे देश को प्रगति  की ओर ले जा रहा है, जैसा कि हम जानते हैं कि टेक्नोलॉजी से जुड़े किसी भी आविष्कार से हमें बहुत लाभ हुआ है। इस समय हमारा देश जिस महामारी से गुजर रहा है। यहाँ पर भी हमें इस टेक्नोलॉजी का बहुत फायदा हुआ और हमारे वैज्ञानिकों ने कोविड-19 की वेक्सीन बनाई और इसे हर जगह हर क्षेत्र में पहुँचाया और हमें इस बीमारी से बचाया। हमारे देश में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से बहुत फायदा हुआ।
टेक्नोलॉजी के लाभ होने के साथ-साथ बहुत सारे नुकसान भी है। यदि हम सचेत न रहे तो हमें इसका खामियाजा भुगतना भी पड़ सकता है। साइबर अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं और इसमें भी लूट-खसोंट के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसलिए किसी भी वस्तु का अच्छे के लिए सवाल करें बुरे के लिए नहीं या फिर कोई हमारे साथ बुरा करें इसके लिए हम सचेत रहें।
गायत्री राठौड़ / XII
आशा अमर धन
सच ही कहा गया है कि आशा अमर धन है।  व्यक्ति जब निराश हो जाता है तब कुछ भी करने की इच्छा नहीं रहती।  यदि इसीप्रकार निठल्ला बैठ जाएगा तो प्रगति का चक्र ही रुक जाएगा।  निराशा का भाव मन में जगते देर नहीं लगती।  ऐसे अवसर तो जैसे तैयार ही बैठे है।  जब कुछ करने की चाह हो और उसमें असफलता मिले तो निराश हो सकते है।  उचित सहयोग न मिले तो निराश हो सकते है।  अर्थात निराश होने के कई बहाने है।  
जीवन में उम्मीद होना बहुत आवश्यक है। ऐसे जीवन का कोई प्रयोजन नहीं जो निराशा से घिरा हो। आगे बढ़ने के लिए यह आवश्यक है कि मन में आशा की किरण जगाए रखें।  किसी कवि की कविता कहती है -
निराशा के दीप बुझाकर,
आशाओं के दीप जलाएँ,
दसों दिशा में फैले तम को,
मिलकर कोसों दूर भगाएँ  
हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए, कठिन और सुखद दिन तो आते रहते हैं।  निराशा व्यक्ति को पतन की और ले जाती है जबकि आशा एक नई शक्ति का संचार करती है।  परोपकार करने से आशा बलवती होती है।  अपने सामर्थ्य के अनुसार सेवा कार्य अवश्य करें। आशा जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।  प्रसन्नचित मन और सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति को कभी बीमारियाँ नहीं घेरती। जीवन में लक्ष्य प्राप्ति करनी है तो आशावादी बने रहो, चाहे असफलता मिले किसी काम में, फिर भी आशा  दामन न छोड़ो।  राष्ट्रकवि  मैथिलीशरण गुप्त के शब्दों में -
समझो धिक् निष्क्रिय जीवन को
नर हो, न निराश करो मन को
कुछ काम करो, कुछ काम करो। 
कृष्ण गोपाल / Educator
Humanity
Humanity means quality of being human, the peculiar nature of man, by which he is distinguished from other beings. Being human does not mean that an individual possesses humanity. 
If you want to understand the quality of humanity in an individual, make a note of what he does for people who give nothing back in return to the favour they have offered.
One of the most outstanding examples of extraordinary humanity in a human being has been portrayed beautifully by Mother Teresa. Humanity means caring for and helping others whenever and wherever possible. Humanity means helping others at times when they need that help the most. It means forgetting your selfish interest at times when others require your help.
Mohita Solanki / VIII
Unity
Unity is the term used to work or to help one another. Unity is very important in our life. It helps us to do difficult things with less effort. Unity is strength. It means that if we have unity we can never ever get defeated by anyone because other people will support you. As you can see India is united. In India there is Statue of Unity of 182 m in Gujarat of Sardar Vallabh bhai Patel. He is a great inspiration for unity. To form a great nation unity is needed. If people would get divided they would not be able to face problems. There should be no discrimination based upon caste, religion etc . It is the way to motivate people. When we work together like a team we can achieve goals easily. There should be unity in everything including the government, the nation and the whole world.
Soumyajeet Solanki / VII
मेरा प्रिय त्योहार 
मेरा प्रिय त्योहार होली है। होली मार्च के महीने में आती है। इस दिन नए- नए कपड़े पहनते हैं। होली के त्योहार पर तरह-तरह के पकवान बनते हैं। इस दिन हम पिचकारी से रंग डालते हैं गुब्बारे में रंग भर कर एक -दूसरे के ऊपर डालते हैं। लोग एक दूसरे से गले मिलते हैं। होली खुशियों का त्योहार है।  
मही राज सिंह सोलंकी / I


Volume No. 508 Published by The Editorial Board: Mr Jitendra Suthar, Ms Swabhi Parmar, Ms Jyoti Sain, Mr Arvind Singh, Jatin Tripash, Pushpendra Singh Ranawat, Tamanna Solanki, Kritika Rajpurohit, Kanak Gehlot, Kunal Rajpurohit, Harshit Rajpurohit, Ronak Deora, Mohammad Anas.

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Story of The Fabindia School by Bharti Rao