The School Weekly – 3rd August 2020

Virtual School Functioning
Academics
Senior and Middle School Sections are having their online classes on Google Classroom. Pre- Primary and Primary Sections are continuing on Whats App Groups.

Initiatives students are involved with:
Plezmo App development for students is in progress. As last week we had 8 students registered and this week there are 12 students registered.
2 Students registered in Astronomy Quiz and they are having their training for the Quiz Competition. 

Professional Development:
E-Learning Team; introduced classroom recording system.
Teachers using laptops or desktops can record live classes using record function in Google Meet.
Teachers using mobile phones to teach were recommended to use the iRecorder application as a Screen Recording tool  to record their classes.
Along with Tech Training Educators are attending CBSE Training Programmes to stay upbeat with the changing time with the new educational reforms. 
Various Departmental Meetings are held on Google Meet to stay in sink with the smooth functioning of school activities.

Posts from our Educators
Focus and Diffuse Thinking
When we are in difficulty and solving a problem, there are two ways we can solve it: using focused
thought or using diffuse thought. Focused thinking is just straightforward. It concentrates on the main matter. If we adopt Focused thinking it is a highly attentive state of mind where the brain uses its best concentration abilities to ignore all outside information. As you all know when we are in our focused mode of thinking, it’s like we have a sure solution for the matter at hand. Whether we are practicing or doing any work or skill, focused thinking allows us to zoom directly in on the most important information.

Another way of thinking in a  diffuse way, it looks at a big way of sight. Unlike focused thinking, diffuse thinking is all of our mind distractions. Diffuse thinking happens when you let your mind freely and think peacefully. The diffuse mode of thinking does not happen in any one area of the brain, but rather all over. Diffuse thinking gives you an opportunity to connect with any situation because it's happened randomly. Between focused and diffuse thinking is the best way to solve a difficult problem. First, we use the focused mode of thinking to understand the basics of a topic without any distractions. Then we use the diffuse mode to learn and make connections to other things we already know. Once you have repeated this process a few times, the information will get you.

Richa Solanki 

सफलता
"मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।" सफलता किसी को भी एक झटके में नहीं मिलती या रातों-रात हासिल नहीं होती है लेकिन लगातार प्रयास करते रहने से एक दिन जरूर मिलती है। सफलता उन्हीं को मिलती है जिनके जीवन में एक लक्ष्य होता है और वे अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार होते हैं ।अपने जीवन का एक लक्ष्य निर्धारित करें और सभी दूसरे विचारों को अपने दिमाग से निकाल दें यही सफलता की कुंजी है।

अतः सभी छात्रों को अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। हर किसी के पास अपना अलग सामर्थ्य और काबिलियत होती है, कोई छात्र पढ़ाई में अव्वल होता है ,तो कोई छात्र खेलकूद में ,फोटोग्राफी में ,संगीत में, नृत्य में ,तो कोई चित्रकारी और शिल्पकारी मेंअव्वल होते हैं। कई छात्र ऐसे भी होते हैं जो सफल तो होना चाहते हैं लेकिन इसके लिए प्रयास नहीं करते ,जरूरी नहीं है कि आप अपने क्लास में अव्वल आए बल्कि जरूरी है आप अपने अंदर की काबिलियत को समझे और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए अपने लक्ष्य को निर्धारित करें।
रुपया ,पैसा, धन-दौलत कोई भी चुरा सकता है छीन सकता है लेकिन नहीं छीनी जा सकती है तो उसकी काबिलियत गुण। अतः हम में हुनर है तो कदर है।

धन्यवाद,
उषा पंवार

विश्वास
विश्वास एक छोटा सा शब्द है | उसको पढ़ने में एक सेकेंड लगता है सोचो तो एक मिनट लगता है समझो तो दिन
लगता है पर साबित करने में तो जिंदगी लगती है - जैसे कि आज वाली स्थिति कोरोना महामारी के कारण सभी लोगों का विश्वास टूटता जा रहा है तथा एक दूसरे से लोग मिल नहीं पा रहे हैं, दूरी बढ़ गई हैं ,घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं | किसी भी वस्तु को छूने से ही लोगों को अत्यधिक  समस्याओं का सामना करना पड़ रहा  हैं | हमारे बाली शहर में बाहर से आए हुए मनुष्यों की कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट के आंकड़ों के कारण व्यक्तियों के मन एक डर बैठ गया है  | उन गली मोहल्ले को भी बंद किया गया है जहाँ कोरोना पोजिटिव लोग मिले हैं तथा पुलिस का पहरा भी लगाया गया हैं जिससे  लोगो में भय बढे  नहीं |

लोग दुकानो पर बनी चीजों को नही खरीद रहे हैं | हमे इस समस्या का सामना पूरे विश्वास और सहयोग से करना चाहिए | जब कोई मुश्किल आती है तो उस मुश्किल का हल भी निकल सकता है | हमें किसी भी मुसीबत में घबराना व डरना नही चाहिए  क्योंकि हम लोग जब घबरा जाते हैं तो हमारा असर हमारे बच्चों के ऊपर पर पड़ता है और बच्चे हमसे ज्यादा घबरा जाते हैं | ऐसी  स्थिति में हमें विश्वास और हिम्मत से कार्य करना चाहिए | पहले भी लोग कई बीमारियों से ठीक हुए हैं  तो  यह कोरोना की बीमारी थोडा समय लेगी लेकिन हमें  विश्वास रखना होगा कि इस बीमारी का  समाधान निश्चित निकलने वाला है तथा सभी पहले जैसे होने वाला है| हमे अपने आप पर विश्वास रखना चाहिए  कि हम सभी पहले जैसे मिल जुलकर साथ रहेंगे और दुख-सुख में अपने पड़ोसियों की मदद  करते रहेंगे बुजुर्गों की देखभाल करते रहेंगे |

 हमारे अंदर विश्वास हैं तो हम भविष्य में बड़ी से बड़ी कठिनाइयों का सामना कर सकते है | अपने अंदर आत्मविश्वास की बढ़ोतरी करना और सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन करते हुए अपने आप को सुरक्षित रखना है और अपनी गली मोहल्ले में लोगों की मदद करनी है | उनको कोरोना से बचने के उपाय भी बताने होंगे क्योंकि जो व्यक्ति अनपढ़ है उनको उपायों के बारे में पता नही है उन्हें बताना  होगा कि कोरोना से बचने के लिए मुँह पे माक्स बांधे और अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोए  तथा दूसरे लोगो से मिलते समय एक मीटर की दूरी  बनाए रखनी चाहिए | अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखना चाहिए जिससे हमारा आत्मविश्वास मजबूत हो सके |

जफ्फर खां 

Design of Online Assessment
In this pandemic situation, there has been a revolution in the education field where papers are replaced by screens. Pens are replaced by keystrokes. Books are replaced by Videos and PDFS and Exams are replaced by online quiz tools.

CBSE these days is more concentrating on training teachers with being handy in designing online assessments and Teaching online. Tools recommended by CBSE are Google Classroom for Live classes and Google Forms for conducting exams.

Google Classroom - One of the best and most used tools to take online classes, gives subjective materials, shares assignments, keeps a record of online learning students, and preserves all the activities on Drive. Using this online tool we can run a virtual class where students can view ongoing activity in the classroom, they can post questions, they can answer to any question or query posted by the teacher, and they can submit their assignments.

Google Forms – This tool is used for conducting exams online. It consists of multiple-choice questions, Short answers, Paragraph Answers, and many more answering patterns. Online papers can be corrected in 2 ways. First is Manual correction where students appear through a link and teachers generate a spreadsheet of the responses. Other is auto-correction where teachers prepare an answer key and update it with the paper while preparing it.

 This paper gets corrected automatically according to the answer key and students can view the score immediately after submitting the paper. Students, Parents, and Teachers are very eager to learn this new normal change.   
        
Trained by CBSE.
Thank you 
Jitendra Suthar 

जीवन को सफल बनाने का मंत्र
एक बेटे ने पिता से पूछा-
पापा.. ये 'सफल जीवन' क्या होता है ?

पिता, बेटे को पतंग उड़ाने ले गए। 
बेटा पिता को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था...

थोड़ी देर बाद बेटा बोला-
पापा.. ये धागे की वजह से पतंग अपनी आजादी से और ऊपर की और नहीं जा पा रही है, क्या हम इसे तोड़ दें !!  ये और ऊपर चली जाएगी....

 *पिता ने धागा तोड़ दिया *

पतंग थोड़ा सा और ऊपर गई और उसके बाद लहरा कर नीचे आयी और दूर अनजान जगह पर जा कर गिर गई...

तब पिता ने बेटे को जीवन का दर्शन समझाया...

बेटा..
'जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर हैं..
हमें अक्सर लगता की कुछ चीजें, जिनसे हम बंधे हैं वे हमें और ऊपर जाने से रोक रही हैं
जैसे :
           *घर* -
         *परिवार*-   
       *अनुशासन*
      *माता-पिता*
       *गुरू-और*
          *समाज* 

और हम उनसे आजाद होना चाहते हैं...

वास्तव में यही वो धागे होते हैं जो हमें उस ऊंचाई पर बना के रखते हैं..

'इन धागों के बिना हम एक बार तो ऊपर जायेंगे परन्तु बाद में हमारा वो ही हश्र होगा जो बिन धागे की पतंग का हुआ...'

"अतः जीवन में यदि तुम ऊंचाइयों पर बने रहना चाहते हो तो, कभी भी इन धागों से रिश्ता मत तोड़ना.."

"धागे और पतंग जैसे जुड़ाव के सफल संतुलन से मिली हुई ऊंचाई को ही 'सफल जीवन' कहते हैं.।."

अतः इस छोटी सी कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है कि सम्बन्ध केसा भी हो हमे उसे तोड़ना नही चाहिए। सब से मिलजुल कर रहना चाहिए । जिंदगी में उतार चढ़ाव तो आते रहते है उनका हमे मुकाबला करना चाहिए और अपनी जिंदगी को सफल बनाना चाहिए।

उस्मान गनी

कोरोना काल  में जीने का  नया अंदाज
इस  थमे  हुए  दौर  से    हम  सब ऊब  जरूर  रहे  हैं  लेकिन  इसके साथ  ही  हमने  बहुत  कुछ  हासिल   किया है और  सीखा  हैं।  इस  समय  में हमने  घर  के  कार्यों  में  मदद  करना  सीखा  और  ज्यादा  से  ज्यादा  अपना  काम खूद करना  तथा  आस-पास  में  रहने  वाले  जरूरतमंदों  की  मदद  करना  जैसे खाना, मास्क  वितरित  करना आदि। 

आम दिनों में  काम  की व्यस्तता  के  कारण  परिवार  के सदस्य  आपस  में एक साथ  समय  नहीं बिता  पा रहे थे  लेकिन  इस समय परिवार  के  सभी  सदस्य  ज्यादा  से ज्यादा  समय  साथ बिताकर  प्रेम  और  खुशी   से गुजार    रहे हैं  घर  के सभी   सदस्य अपने- अपने पसंद  की  भोजन  की फरमाइश करते हैं  इस समय में  जब  सभी  साथ  हैं तो एक-एक दिन  सभी  के पसंद  के व्यंजनों  को बनाकर  अलग-अलग स्वाद  बदलकर खाने  का मौका भी मिला हैं ।

 इस मुश्किल  समय  में शरीर  को   बिमारियों से   बचाने   के  लिए   सुबह और  शाम को व्यायाम तथा योगा करके शरीर को स्वस्थ तथा तंदुरुस्त बनाने का समय तथा अपने  खूद  के लिए   सोचने का समय भी मिला हैं।

इस समय में हम सबने हर चीजों को गहराई तथा बारीकी से जाना है क्योंकि पहले हर किसी के पास इतना समय नहीं था आज जब सब एक साथ है और सबसे पास समय है हर छोटी-छोटी चीजों का महत्व समझा हैI इसलिए हम सबने इस मुश्किल की घड़ी में भी बहुत कुछ पाया हैं।

Kusum Dangi

भारतीय संस्कृति
भारतीय संस्कृति के विविध रूप है। इसके कई कारण है, यहाँ की अलग-अलग ऋतुएँ, इतिहास, धर्म, जाति
संप्रदाय और कृषि। यह सभी मिलकर भारतीय संस्कृति को प्रगाढ़ बनाते हैं। इन सभी में भाषा का भी एक महत्वपूर्ण स्थान है। संस्कृति के अंतर्गत हम रीति-रिवाज, परंपराओं, खानपान, धार्मिक-सामाजिक उत्सव आदि को सम्मिलित करते हैं। भारत में हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख और मुस्लिम धर्म के लोग निवास करते हैं। इन सभी की विविध परम्पराएँ  हैं। इन सभी धर्मों के मिश्रण से भी कई परम्पराएँ पैदा हुई, जिसने न केवल भारत को वरन विश्व को भी प्रभावित किया है।

 भारत में एक तरफ ईद का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है तो दूसरी तरफ रक्षाबंधन की तैयारियाँ भी  अपने चरम पर है। सामाजिक एकता भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण तथ्य रही है। रमजान के पवित्र महीने में चारों तरफ खुशहाली की धूम मच जाती है तो सावन के महीने में शिवालयों में उत्साह देखा जा सकता है। ऐसा भी कहा जाता है कि भारत में वर्ष के पूरे 365 दिन उत्सव ही होते हैं। हमारे त्योहार और उत्सव इसी बात के द्योतक हैं कि आपस में भाईचारा बना रहे। विवाह भी किसी का एक अंग माना जा सकता है क्योंकि भारत में तयशुदा विवाह का प्रचलन अधिक है। ऐसे विवाह में कई परिवार आपसी रिश्तेदारी में बँध जाते हैं। पाश्चात्य संस्कृति से मेल होने के कारण इस प्रकार के विवाह में कुछ कमी अवश्य देखी जा रही है।

अगर हम सामान्य शब्दों में कहें तो संस्कृति यानी हमारी जीवन शैली। इस जीवन शैली में बालक अपने परिवार में होने वाले क्रिया-कलापों से प्रशिक्षित होता है। संस्कृति को किसी देश की विशेषताओं के अंतर्गत सम्मिलित किया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपनी संस्कृति को बचाने का प्रयास करें। हमें हमारी परंपराओं, भाषाओं, रीति-रिवाजों, सामाजिक-राष्ट्रीय उत्सवों के बारे में जानकारी बढ़ानी चाहिए तथा इसे दूसरों के साथ भी साझा करना चाहिए। 

हमारी संस्कृति इतनी प्रगाढ़ है कि कई आघातों  के बावजूद सुरक्षित रह गई। आगे इसकी सुरक्षा हमारा दायित्व बन जाता है। हमारी राजभाषा हिंदी है किंतु हमारे यहाँ कई क्षेत्रीय भाषाएँ भी बोली जाती है, हमें इन भाषाओं का सम्मान करना चाहिए तथा इन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाना चाहिए। नई शिक्षा नीति में भारत सरकार ने भी शिक्षा क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदान करने की योजना बनाई है। इससे भी भारतीय भाषाओं का संरक्षण हो सकेगा। 
 सबसे महत्वपूर्ण हमारे राष्ट्रीय त्योहार, जो न किसी धर्म, न जाति संप्रदाय, न क्षेत्र आदि से जुड़े हैं। इन त्योहारों में जनता केवल भारतीय होने के गर्व के कारण भाग लेती है। 

यहाँ देश की एकता तथा सौहार्द ही महत्वपूर्ण होता है। यहाँ एक और बात महत्वपूर्ण है कि जब भी देश पर कोई संकट आता है तब सारे भारतीय बन जाते। फिर किसी प्रकार का मतभेद या मनभेद नहीं रहता। मिलकर सामना करते हैं या प्रोत्साहित करते हैं।  इन त्योहारों, उत्सवों  आदि का ध्यान रखते हुए आपसी एकता को मजबूत बनाना चाहिए। अपनी परम्पराएँ आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाएँ। देश की वस्तु, अपनी भाषा,अपने उत्सव आदि पर हम गर्व करें।  

 Krishan Gopal

Posts from our Students
A New Era of Digitization -Online Classes
As you all know in this pandemic situation the students are not allowed to assemble in the school and start studying like before. Learning will never stop, so a new way of learning is introduced in our country which is online learning. Online learning is a great platform for students to continue their learning.
In the present time online learning is the only platform which can detach the numerous obstacles in the path of learning for students. As it does not equalize with the face to face or offline learning but it is very important for students.
The online classes have many disadvantages like it can damage student’s eyes because of sitting a long time in front of a digital screen. Students become lazy if they do not show their full interest in online classes. In online classes the teacher is not able to keep his eye on each and every student and also on student’s activities during online classes.
As every coin has two sides. Online classes also have many advantages like it helps students to continue their learning. Students can clear their queries during the class. They can enjoy online classes by showing full potential and full interest in online classes. Students can prepare for their respective exams to crack them or to score better. In this online classes play a vital role in the students path of learning.
Online learning provides opportunities for students. There is a great expansion of online classes in this corona pandemic. So online classes are beneficial for students. Online classes are not effective as offline classes but they are certainly better than no classes and nowadays they are very important. Online classes also motivate students to do something different.
Vipul Dave/ XI Science

Why is happiness important in our life?
Happiness is important in our life because it gives us freedom of mind, relaxes our body and so many
things. It has a unique thing which we do sometimes, once or twice. It has many advantages such as it gives us fresh mind and no tensions, it gives us positivity, it also has the power to make the circulatory system in our body work properly. So these are the advantages of happiness in our life. If we do not laugh we will have many skin problems such as pimples, white hair, hard skin, etc. If we are in tension and we do not laugh we go into depression and become victims of harmful diseases like high BP, Calcium problem and many more. In present days India has suffered from Coronavirus so we are also suffering from Coronavirus tension and the double tension of business. This results in death, so we should not suffer from any tensions and spend our time with family members. Happiness keeps us away from all problems so that is why happiness is very important in our life. 
Nakul Vaishnav/ VII

Slooh – Best to experience Space
Hello, I am Soumyajeet Solanki from The Fabindia School, Bali. Today I will share my experience of Slooh. It is an American company that has robotic telescopes placed in CHILE and CANARY Islands. By these telescopes, we can watch and click the pictures of Nebulas, Galaxies, Stars, Planets, Star Clusters, and Moon. There are 8 telescopes in Slooh and when they are online we can click pictures of views available in front of the telescope. When I see pictures taken by me or any of my friends, I feel like I am an Astronaut and I am in space watching objects. My Favorite object is De’Marin Nebulae. I really enjoy watching the sky in Slooh. We earn gravity points for each and every activity we do and Badges, when we study, research, and complete quest given by Astronauts. I have achieved 28680 Gravity points and 20 Badges.
Soumyajeet Solanki/  VI

SELF RESPECT 
Self respect is a quality which is extremely important for the dignity, confidence and personality of an
individual. People with self respect have the courage of accepting their mistakes. They exhibit certain toughness, a kind of moral courage and they display character.
Without self respect, one becomes an unwilling audience of one's failing both real and imaginary.
To live without self respect is to live counting one's omissions and commissions. It is like line down on an uncomfortable bed that we have made for ourselves. Whether or not we sleep in it depends on whether or not we respect ourselves. 
A self respecting person accepts responsibilities from one's own life and its this source from which self respect springs.
Riya Vaishnav / IX

Art and Craft
Art and Craft is the creation that we do with our hands.
We can express our creativity and enjoy the pleasure of expressing our inner thoughts and feelings. 
We feel so happy and contented when someone appreciates our art and craft.
Art and Craft is an excellent hobby. 
Urmila Suthar/  XI Humanities

Volume No. 432   Published by The Editorial Board: Mrs Bharti Rao, Mr Krishan Gopal, Ms Swabhi Parmar,
Chief Editor: Diksha Choudhary, Secretary: Uma Choudhary, Joint Secretary: Mansi Choudhary, Editors: Anumesh Rao, Krisha Dave, Puran Choudhary, Jatin Tripash, Diksha Choudhary, Tammana Solanki, Uma Choudhary, Priyanka Deora, Krithika Rajpurohit, & Kunal Rajpurohit.







Taking Learning Forward @ The Fabindia School

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